गर्मी आपके पशु से पहले आपको दिखनी चाहिए
पशु वाणी आपके गाँव के तापमान और नमी से हर पशु का ताप-तनाव आँकती है, और खतरा बढ़ने पर हिंदी में चेतावनी भेजती है — लक्षण दिखने से पहले।
Android · मुफ़्त · हिंदी और English
पशु बताता नहीं, इसलिए पता देर से चलता है
ताप-तनाव पहले पशु के अंदर शुरू होता है और बाहर बहुत बाद में दिखता है। जब तक हाँफना और सुस्ती दिखे, नुकसान शुरू हो चुका होता है।
चारा कम खाता है
गर्मी में पशु का खाना घटता है। शरीर की ऊर्जा दूध बनाने के बजाय ठंडा रहने में लगती है।
दूध घटता है
दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों गिरती हैं — और यह गिरावट तनाव के कई दिन बाद तक बनी रहती है।
गर्मी में आना छिप जाता है
तनाव में पशु के गर्मी में आने के लक्षण मंद पड़ जाते हैं, गाभिन होने की दर घटती है और ब्यांत का अंतर बढ़ जाता है।
तीन चरण, और फिर ऐप खुद बताता रहेगा
- 1
पशु दर्ज करें
नाम, नस्ल, उम्र और टैग नंबर। फ़ोटो चाहें तो लगाएँ। एक बार का काम है।
- 2
मौसम अपने आप
आपके स्थान का तापमान और नमी ऐप खुद लेता है और हर घंटे का ताप-तनाव सूचकांक निकालता है।
- 3
चेतावनी मिलती है
खतरा बढ़ते ही हिंदी में सूचना — किस पशु को, और अभी क्या करना है।
हर पशु का पूरा हाल, और पूछने पर सलाह
ताप-तनाव सूचकांक, तापमान, साँस और नमी एक जगह। और एक सहायक जो उसी पशु के आँकड़े देखकर जवाब देता है।
मौसम बताता है कि दिन गर्म है। यह बताता है कि कौन-सा पशु संकट में है।
प्रचलित सूचकांक केवल वातावरण नापते हैं — पूरे गाँव के लिए एक ही संख्या, चाहे पशु देसी हो या मुर्रा, दुधारू हो या बछड़ा।
पशु वाणी इसके साथ पशु को भी नापती है। उसके अपने शरीर का तापमान और साँस की दर, उसकी अपनी नस्ल के सामान्य स्तर से तौली जाती है — और उससे निकलती है एक संख्या, और पाँच स्तर। इसी वजह से एक ही बाड़े के दो पशुओं का स्तर अलग हो सकता है, और अक्सर होता है।
यह विधि डॉ. प्रमोद कुमार द्वारा पशु शरीर क्रिया विज्ञान एवं जैव रसायन विभाग, ANDUAT कुमारगंज में विकसित की गई है। यह अभी शोधाधीन है, इसलिए इसका विस्तृत विवरण यहाँ प्रकाशित नहीं किया गया है।
एक संख्या, पाँच स्तर
पशु के अपने तापमान और साँस की दर से निकली संख्या पाँच स्तरों में बँटी है। ऐप हर पशु के लिए यही स्तर दिखाता है।
मध्यम स्तर पर छाया और पानी काफ़ी है। गंभीर पर हवा और ठंडक ज़रूरी है। खतरे पर पशु चिकित्सक को बुलाएँ।
जो कह नहीं सकते, उनकी आवाज़
पशु वाणी पशु शरीर क्रिया विज्ञान के शोध को किसान तक पहुँचाने का प्रयास है — ताप-तनाव के विज्ञान को एक ऐसी रोज़ाना चेतावनी में बदलकर, जिसे हर डेयरी परिवार इस्तेमाल कर सके।
सहायक प्राध्यापक, पशु शरीर क्रिया विज्ञान एवं जैव रसायन विभाग पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या – 224229, उत्तर प्रदेशअपने पशुओं के लिए आज ही शुरू करें
Android फ़ोन पर काम करता है। Play Store पर जल्द उपलब्ध होगा।